क्या वाकई हर जमाना अपने आप में बेस्ट होता है?
हम हमेशा सुनते आए हैं अपने मां-बाप से, अपने दादा-दादी से उनके जमाने के किस्से। हमारे दादा जी के जमाने में तो गांव में बिजली भी नहीं होती थी। वो नदी पार करके स्कूल जाया करते थे। उनका स्कूल और कॉलेज...

हम हमेशा सुनते आए हैं अपने मां-बाप से, अपने दादा-दादी से उनके जमाने के किस्से। हमारे दादा जी के जमाने में तो गांव में बिजली भी नहीं होती थी। वो नदी पार करके स्कूल जाया करते थे। उनका स्कूल और कॉलेज...
अगर हम आज के दौर की बात करें तो सारी पेरेंट्स कम्युनिटी इस बात को लेकर परेशान है कि आखिर हम अपने बच्चों से किस तरह से मोबाइल को दूर करें। अगर मोबाइल नहीं होता तो हमारे बच्चे इरिटेट होने लगते हैं।...
पीरियड को लेकर हमारे भारत में एक अजीब किस्म का असमंजस का माहौल रहता है। हालांकि हम सभी लोग जो एक खुली मानसिकता रखते हैं, वो मानते हैं कि महिलाओं के जीवन में पीरियड का होना बेहद नॉर्मल है। लेकिन इससे...
पीरियड को लेकर हमारे भारत में एक अजीब किस्म का असमंजस का माहौल रहता है। हालांकि हम सभी लोग जो एक खुली मानसिकता रखते हैं, वो मानते हैं कि महिलाओं के जीवन में पीरियड का होना बेहद नॉर्मल है। लेकिन इससे...
हम भारत में रहने वाले लोग बहुत सी विभिन्नताओं और विविधता के साथ रहते आए हैं। हमारे भारत की इस संस्कृति को और भी खूबसूरत बनाते हैं हमारे देश के त्योहार। सर्दी के इस मौसम में बच्चों और बड़ों के फ़ेवरेट...
विनोद कुमार शुक्ला नहीं रहे, वे काफी दिनों से बीमार थे, अस्तपाल में भर्ती थे। हम जैसे उनके प्रशंसकों को पता था कि यह खबर आने वाले ही वाली है। उनकी मृत्य पर हैरानी नहीं है। हां लेकिन जाना दुख देता है।...
हम हमेशा सुनते आए हैं अपने मां-बाप से, अपने दादा-दादी से उनके जमाने के किस्से। हमारे दादा जी के जमाने में तो गांव में बिजली भी नहीं होती थी। वो नदी पार करके स्कूल जाया करते थे। उनका स्कूल और कॉलेज...
इंटरनेट और तकनीक की दुनिया ने जहां लोगों की जिंदगी को आसान बनाया है वहीं एक कर्मचारी के तौर पर इसके क्या दुष्प्रभाव होते हैं वो भी किसी से छिपे हुए नहीं हैं। कॉरपोरेट मजदूर अक्सर ऑफिस से लौटने के बाद...
हाल ही में शादी में हो रही एक घटना का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें स्टेज पर दूल्हे का एक फोटोशूट चल रहा था। यह शूट का ही हिस्सा था शायद कि इस दौरान नोटों की भी बारिश हो रही थी। अब शादी...
अगर हम आज के दौर की बात करें तो सारी पेरेंट्स कम्युनिटी इस बात को लेकर परेशान है कि आखिर हम अपने बच्चों से किस तरह से मोबाइल को दूर करें। अगर मोबाइल नहीं होता तो हमारे बच्चे इरिटेट होने लगते हैं।...
अगर हम इस समय की पेरेंटिंग की बात करें तो वो एक अग्निपथ पर चलने जैसा है। बहुत अलग-अलग तरह की पेरेंटिंग की फिलॉसफी हमारे सामने मौजूद है। इसमें शैडो पेरेंटिंग, जेंटल पेरेंटिंग और न जाने कितनी और हमारे...
हाल ही में एक आईआईटी बॉम्बे में पढ़ने वाले एक स्टूडेंट का तैयारी के दौरान का एक किस्सा सामने आया है। इसमें उन्होंने बताया है कि उनके मां बाप ने उन पर नज़र रखने के लिए कमरे में सीसीटीवी कैमरा लगा रखा...